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Friday, February 21, 2020

1 Timothy 2 | 1 तीमुथियुस 2 - प्रार्थना, निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।

1 Timothy 2 | 1 तीमुथियुस 2 - प्रार्थना, निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।
1 timothy 2 | 1 तीमुथियुस 2 - प्रार्थना, निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।

1 अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।
1 तीमुथियुस 2:1
1 I desire therefore, first of all, that supplications, prayers, intercessions, and thanksgivings be made for all men:
1 Timothy 2:1


2 राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं।
1 तीमुथियुस 2:2
2 For kings, and for all that are in high station: that we may lead a quiet and a peaceable life in all piety and chastity.
1 Timothy 2:2

3 यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है।
1 तीमुथियुस 2:3

3 For this is good and acceptable in the sight of God our Saviour,
1 Timothy 2:3

4 वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
1 तीमुथियुस 2:4
4 Who will have all men to be saved, and to come to the knowledge of the truth.
1 Timothy 2:4


5 क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है।
1 तीमुथियुस 2:5
5 For there is one God, and one mediator of God and men, the man Christ Jesus:
1 Timothy 2:5

6 जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
1 तीमुथियुस 2:6
6 Who gave himself a redemption for all, a testimony in due times.
1 Timothy 2:6


7 मैं सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता, कि मैं इसी उद्देश्य से प्रचारक और प्रेरित और अन्यजातियों के लिये विश्वास और सत्य का उपदेशक ठहराया गया॥
1 तीमुथियुस 2:7
7 Whereunto I am appointed a preacher and an apostle, (I say the truth, I lie not,) a doctor of the Gentiles in faith and truth.
1 Timothy 2:7

8 सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना किया करें।
1 तीमुथियुस 2:8
8 I will therefore that men pray in every place, lifting up pure hands, without anger and contention.
1 Timothy 2:8


9 वैसे ही स्त्रियां भी संकोच और संयम के साथ सुहावने वस्त्रों से अपने आप को संवारे; न कि बाल गूंथने, और सोने, और मोतियों, और बहुमोल कपड़ों से, पर भले कामों से।
1 तीमुथियुस 2:9
9 In like manner women also in decent apparel: adorning themselves with modesty and sobriety, not with plaited hair, or gold, or pearls, or costly attire,
1 Timothy 2:9

10 क्योंकि परमेश्वर की भक्ति ग्रहण करने वाली स्त्रियों को यही उचित भी है।
1 तीमुथियुस 2:10
10 But as it becometh women professing godliness, with good works.
1 Timothy 2:10


11 और स्त्री को चुपचाप पूरी आधीनता में सीखना चाहिए।
1 तीमुथियुस 2:11
11 Let the woman learn in silence, with all subjection.
1 Timothy 2:11

12 और मैं कहता हूं, कि स्त्री न उपदेश करे, और न पुरूष पर आज्ञा चलाए, परन्तु चुपचाप रहे।
1 तीमुथियुस 2:12
12 But I suffer not a woman to teach, nor to use authority over the man: but to be in silence.
1 Timothy 2:12


13 क्योंकि आदम पहिले, उसके बाद हव्वा बनाई गई।
1 तीमुथियुस 2:13
13 For Adam was first formed; then Eve.
1 Timothy 2:13

14 और आदम बहकाया न गया, पर स्त्री बहकाने में आकर अपराधिनी हुई।
1 तीमुथियुस 2:14
14 And Adam was not seduced; but the woman being seduced, was in the transgression.
1 Timothy 2:14

15 तौभी बच्चे जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी, यदि वे संयम सहित विश्वास, प्रेम, और पवित्रता में स्थिर रहें॥
1 तीमुथियुस 2:15
15 Yet she shall be saved through childbearing; if she continue in faith, and love, and sanctification, with sobriety.
1 Timothy 2:15

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